मेरे विचार

किसानों और आम नागरिकों के बारे मे

मेरा मानना है कि यदि किसान भाई अपने खेतों को इसी तरह बेचते रहे या कॉलोनी काटते रहे तो आगे चलकर इस बढ़ती हुई जनसंख्या को भोजन कहां से प्राप्त होगा?

1-क्योंकि कृषक के पास जमीन तो सीमित है एवं मनुष्य की आवश्यकताएं कभी भी समाप्त होने वाली नहीं है आज के समय पर मैं जिस जगह रहता हूं उस जगह आज से करीबन 5 साल पहले सिर्फ 7घर थे। उसी इलाके मैं घरों की तादाद 120 है।

किसान भाइयों से आग्रह

मैं कृषि से स्नातक हूं एवं आगे की पढ़ाई भी कृषि से ही कर रहा हूं मैं मास्टर ऑफ साइंस इन हॉर्टिकल्चर उद्यान विज्ञान की प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा हूं एवं

1-मैं किसान भाइयों से अनुरोध करना चाहता हूं की भारत और पाकिस्तान आजाद हुए थे जब भारत की जनसंख्या कितनी थी और अब कितनी है कितने प्रतिशत वृद्धि हुई ह

2-लेकिन जमीन तो सीमित है जमीन को घटाया या बढ़ाया नहीं जा सकता इसलिए जनसंख्या के बढ़ते हुए स्तर की खाने भोजन के प्रबंध के लिए कृषकों को रासायनिक खेती की ओर अग्रसर होना पड़ा है

3-क्योंकि रासायनिक खेती से पैदावार में बढ़ोतरी हुई है लेकिन वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है आज के समय में भी किसान अपनी जमीन को बेचते ही जा रहे हैं

4-आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए भोजन का इंतजाम कहां से होगा यदि ऐसे ही भूमि को बेचते रहे तो वह समय दूर नहीं है जब आदमी आदमी को खाएगा?

Advertisements

प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना

इस योजना का उद्देश्य वृद्ध किसानों को पेंशन की सुविधा

1- इस योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष के किसानों को ₹55 से लेकर ₹200 प्रति माह तक की किस्त का भुगतान करना होगा !

2- भुगतान करने के पश्चात कृषक को साइट वर्ष की उम्र हो जाने के पश्चात ₹3000 प्रतिमाह सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे!

3- यदि किसी कारण बस कृषक की मृत्यु हो जाती है तो उसकी पेंशन का आधा भाग यानी कि 15 सो रुपए उसकी पत्नी को उपलब्ध कराए जाएंगे।

4- 60 वर्ष की आयु के पश्चात कृषक के परिवार वाले इस जमा की हुई राशि पर ब्याज प्राप्त कर करें सरकार द्वारा इसे इकट्ठा भी ले सकते हैं

किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य और अन्य कुछ योजनाएं किसानों के लिए हो सहायक

स्प्रिंकलर सिंचाई में अनुदान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जल बचाओ अभियान के तहत स्प्रिंकलर सिंचाई की योजना पर किसानों के लिए मुख्य योगदान दिया गया है एवं अन्य प्रदेश सरकारों द्वारा भी इस योजना में सहयोग प्रदान किया गया है

1-इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल एवं जनसंख्या ज्यादा होने के कारण उत्तर प्रदेश के लिए दोनों सरकारों द्वारा केंद्र एवं राज्य द्वारा स्प्रिंकलर सिंचाई पर 80% अनुदान दिया गया है जिसके तहत कृषक अपने फार्म पर 80% की सब्सिडी या अनुदान पाकर इस स्कीम का लाभ उठा सकता है एवं अपनी आय के साथ साथ जल का भी संरक्षित कर सकता है जो कि केंद्र एवं राज्य सरकारों के सहयोग से चलाई गई योजना किसानों के लिए बहुत लाभकारी है जिससे कि कृषकों को इस विधि से सिंचाई करने पर हौसलों में सिंचाई भी कम करनी पड़ती है और जल की भी बचत होती है

2-जिससे कि 40 प्रतिशत तक जल की बचत होती है एवं इस विधि का उपयोग करके उज्जैन होता है इंजन या अन्य प्रयोग द्वारा उसे भी बचाता है एवं इस को कम किया जा सकता है इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कृषकों को जिला में कृषि अधिकारी या उद्यान अधिकारी से संपर्क करना होता है जो कि इस स्कीम की पूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं एवं इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देते हैं बहुत से कसक इस विधि का लाभ प्राप्त भी कर चुके हैं यह विधि अधिकतर सब्जियों एवं अन्य फसलों के लिए उपयोगी है

3- इस स्कीम का लाभ उत्तर प्रदेश को छोड़कर अन्य प्रदेशों एवं छोटे छोटे प्रदेशों में 90% अनुदान दिया जा रहा जो कि किसानों के लिए उत्तम है इसलिए इस स्कीम होने वाले लाभ को प्राप्त करने के लिए अपने जिले के कृषि विभाग या उद्यान विभाग से संपर्क करे

जैविक खेती स्वस्थ जीवन की एक नई राह

मेरा सभी कृषक भाइयों से विनम्र निवेदन है की कृषि में अधिक रसायनों का प्रयोग ना करें यदि करें भी तो आवश्यकता के अनुसार क्योंकि यह रसायन पहले पैदावार रासायनिक उर्वरक पैदावार तो बढ़ाते हैं लेकिन खेत की उर्वरा शक्ति को खराब कर देते हैं जिससे कि आगे चलकर जमीन के बंजर होने की संभावनाएं पैदा होती हैं पंजाब में अब कृषकों को बंजर जमीन होने का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन्होंने सबसे पहले और अकार्बनिक खाद जैसे कि डीएपी यूरिया और पेस्टिसाइड्स और खरपतवार नाशक का अधिक प्रयोग किया जिससे कि गांव पंजाब में ऐसे भी कई गांव हैं जिनमें कि प्रत्येक घर में कोई ना कोई कैंसर से पीड़ित है जो कि आगे आने वाली पीढ़ी के लिए और भी घातक है इसके देखने के अनुसार कुछ और प्रारंभ कर लिया है जिससे कि आगे आने वाले समय में उन्हें दूसरे खाना खाने से बचें मैं आप सभी किसान भाइयों से निवेदन करना चाहता हूं कि आप भी ज्यादा नहीं तो थोड़ा बहुत एक्सपेरिमेंट कल के प्रयोग के आधार पर जमीन में खेती करने के लिए

Create your website at WordPress.com
Get started